घमौरी (Prickly Heat) का होम्योपैथिक इलाज- हिंदी में

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गर्मी के मौसम में शरीर पर होने वाली लाल रंग की फुन्सियों को घमौरी या अम्हौरी कहते हैं। घमौरी होना कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है, किन्तु इनके होने पर शरीर में बहुत अधिक खुजली तथा शरीर में काँटों जैसी चुभन उत्पन्न हो जाती है। होम्योपैथिक इलाज के द्वारा घमौरियों से छुटकारा  आसानी से मिल जाता है। इन दवाओं का सेवन नीचे दिए हुए लक्षणों के आधार पर ही करें।

  • Jugalence Rojiya 6  –

यदि किसी व्यक्ति के पूरे शरीर पर विशेषकर चहरे तथा गर्दन पर होने वाली छोटी – छोटी लाल फुंसियां, जिनमें से किसी-किसी में पस भी पड़ जाता हो। तो इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें। (बच्चों को इसकी 1/2 मात्रा दें )।

  • Rumax 6 –

छोटी लाल फुन्सियां, जिनमें खुजली और जलन अधिक हो तथा शरीर से कपडे हटाने पर यह खुजली और जलन और अधिक बढ़ जाए। तब इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में चार बार दें।

  • Apis Mell 30 –

यदि किसी रोगी को डंक मारने जैसी चुभन हो तथा दोपहर के समय यह कष्ट अधिक बढ़ जाए। तब ऐसी स्थिति में रोगी को इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Arsenic Alb 30 –

रोगी को घूँट – घूँट प्यास लगने तथा खुजली, जलन तथा बेचैनी युक्त छोटी – छोटी फुन्सियां होने पर इस औषधि की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Sulphur 30 –

ग्रीष्म ऋतु में निकलने वाली छोटी – छोटी लाल रंग की फुन्सियां, जिनमें खुजली होती हो। तथा गर्मी और संध्या के समय कष्ट में वृद्धि होने पर इस औषधि की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

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