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कटहल खाने के क्या हैं फायदे तथा नुकसान- Benefits & Harms of Eating Jackfruit?

कटहल (Jackfruit) का वैज्ञानिक नाम आर्टोकार्पस हेटेरोफ्य्ल्लुस ( Artocarpus heterophyllus ) है। कटहल भारत का एक महत्वपूर्ण फल है। इसकी बागवानी बिना किसी विशेष देखभाल के की जा सकती है। इसकी सर्वाधिक खेती असम में होती है। इसके अतिरिक्त यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों में उगाया जाता है। कटहल के कच्चे तथा पके हुए दोनों प्रकार के फलों का प्रयोग किया जाता है।

 कटहल के फायदे (Jackfruit Benefits)

कटहल में कई तरह के पोषक तत्व व विटामिन उपस्थित होते हैं। कटहल विटामिन, मिनरल, फाइटोन्यूट्रिएट, कार्बोहाइड्रेट, इलेक्ट्रोलाइट, फाइबर, फैट और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसके गूदे के साथ इसके बीज भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

कटहल में उपस्थित विटामिन C मुक्त कणों के हानिकारक प्रभावों से लड़ने में मदद करती हैं, तथा हृदय रोगों को कम करने में मदद करती है।

कटहल में उपस्थित विटामिन A मोतियाबिंद तथा रात के अंधेपन को दूर करने में मदद करता है, इसके साथ ही यह बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से आँखों को बचाने में मदद करता है।

कटहल में उपस्थित B6 शरीर में खून से होमोसिस्टिन के स्तर को कम करता है तथा हृदय को रोगों से बचाने में मदद करता है।

इसमें उपस्थित फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है तथा बबासीर के रोग में भी फायदेमंद होता है।

कटहल में उपस्थित विटामिन C , ताँबा तथा मैगनीशियम लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती हैं।

कटहल में उपस्थित एंटी – ऑक्सीडेंट गुण प्रदूषण के कारण मुक्त कणों की क्षति को रोकने में मदद करते हैं। यह त्वचा में नमी को बनाये रखने में मदद करता है, तथा झुर्रियों को कम करता है।

कटहल में उपस्थित विटामिन C सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करती है।

कटहल के नुकसान (Jackfruit Side Effects)

कटहल (Jackfruit) का अधिक मात्रा में सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकार होता है।

  1. कटहल का अधिक सेवन अपच तथा पेट की समस्याओं को बढ़ा सकता है।
  2. कटहल के पके हुए फल का अधिक मात्रा में सेवन करने से खाँसी, सर्दी तथा जुखाम की समस्या हो सकती है।
  3. गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  4. मधुमेह के रोगियों को इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श से ही करना चाहिए, इसका अधिक मात्रा में सेवन ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित  करता है।
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