मुँहासे का होम्योपैथिक इलाज- Homeopathic Treatment of Acne

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मुँहासे वसीय ग्रंथियों (Sevacious Glands) का एक प्रदाहिक रोग है। यौवनारंभ के समय सैक्स हारमोन इन ग्रंथियों से तेल के स्त्राव में तीव्रता ला देती है। समस्या उन स्थानों पर प्रारंभ होती है, जहाँ ग्रंथियों के मुख त्वचा पर संकरे खुलते हैं और उनमें तेल की मात्रा बढ़ती जाती है। अतः यह आवश्यक है की पसीना तथा अन्य परत जो त्वचा के पोरों को अवरुद्ध कर देती है, उन्हें धोकर हटाया जाए। मुँहासों को नोचना नहीं चाहिए क्योंकि इससे प्रदाह उत्पन्न हो जाता है तथा क्षतचिन्ह को प्रोत्साहन मिलता है।

मुँहासे चार प्रकार के होते हैं।

  • सफ़ेद कील (White heads)

गोल सफ़ेद दाग, तब उत्पन्न होते हैं, जब रोमकूप अवरुद्ध हो जाते हैं।

  • काले कील (Black heads)

गोल गहरे रंग के दाग, तब उत्पन्न होते हैं जब सफ़ेद कील त्वचा की सतह पर पहुँच जाती हैं व वायु को स्पर्श करती हैं।

  • मुँहासे (Pimples)

लाल, सूजे हुए उदभेद, त्वचा की सतह पर अवरुद्ध रूमकूप को भेदकर निकलते हैं।

  • गहन पुटी (Deep cyst)

मवाद से भरे मुँहासे, तब उत्पन्न होते हैं। जब अवरुद्ध रोमकूप के प्राचीर त्वचा की गहराई टूट जाती है।

मुँहासों की होम्योपैथिक दवाएं

होम्योपैथिक उपचार के द्वारा मुँहासे की समस्या को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है। इन दवाओं का सेवन नीचे दिए गए लक्षणों के आधार पर ही करें। अधिक परेशानी होने पर डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।

  • Antimonium Crud 30

मोटे व्यक्तियों के चहरे व कंधे पर मुँहासे निकलने के साथ शुष्क त्वचा व अपचन होने पर इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार ( सुबह, दोपहर, शाम ) दें।

  • Arsenic Brom 30

गुलाबी मुहाँसे, वसंत ऋतू में नाक पर मुँहासे का बढ़ जाना तथा युवा कन्याओं के चहरे, नाक व ऊपरी होठ पर मुहाँसे होने पर इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Belladona 30

यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर लाल मुहाँसे हैं तथा उनमें जलनकारी पीड़ा होती है, तब इस स्थिति में इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Berberis Aquafolium Q

मुँहासे तथा फुंसी के उपचार के बाद बचे दाग – धब्बे को हटाने के लिए यह औषधी बहुत ही उत्तम है। इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें।

  • Calcerea Sulph 30

चेहरे पर तथा कानों के आस – पास मुहाँसे व फुंसी तथा पीलापन लिए स्त्राव होने पर इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें।

  • Chelidonium 30

यदि किसी व्यक्ति के दर्द युक्त लाल मुँहासे हैं, तो यह औषधी उत्तम है। इसकी 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें।

  • Hepar Sulph30

मुँहासे जो सफ़ेद मवाद का स्त्राव करते हैं, मटर जितना कडा हो सकता है।  इस परिस्थिती में इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Natrum Mur 200

तैलीय त्वचा पर मुहाँसे, मिट्टी जैसा रंग रूप होने पर इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में सप्ताह में एक ही बार दें।

  • Thuja Off 1M

फुंसियाँ ( मवादयुक्त मुहाँसे ) खरोंचने के बाद बढ़ जाते हैं। चेहरे के मुँहासों के लिए यह उत्तम औषधी है। इस औषधी की 2 बून्द 1/4 कप पानी में सप्ताह में एक ही बार दें।

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