मस्से (Warts) का होम्योपैथिक इलाज- हिंदी में

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आप सभी ने देखा होगा कि कभी-कभी हमारे शरीर पर हलके Brown Colour या Black Colour की थोड़ी उभरी हुई त्वचा या मांस का दाना निकल आता है, उस दाने को ही मस्सा कहते हैं। यह परेशानी बच्चों और बड़ों दोनों को ही हो सकती है। मस्से वैसे हानिकारक नहीं होते हैं परन्तु यह दिखने में भद्दे और बदसूरत लगते हैं। कभी – कभी इन मस्सों में दर्द भी होता है। मस्सों (Warts) के होने का मुख्य कारण Human Pepiloma Virus (HPV) होता है। इसके अलावा यह छूने से भी फैलता है।

Types of Warts-

मुख्यतः यह 5 प्रकार के होते हैं।

  1– Comman Warts

इस तरह के मस्से ज्यादातर हाथ की उँगलियों में होते हैं, परन्तु इसके अलावा यह कहीं भी हो सकते हैं। यह दिखने में दानेदार और मोठे गोलाकार शीर्ष के साथ होते हैं। Comman Warts आसपास की त्वचा की तुलना में भूरे रंग के होते हैं।

  2– Plenter Warts

ये अक्सर पैरों के तलवों में बढ़ते हैं। अन्य मस्सों के विपरीत Plenter Warts त्वचा में बढ़ते हैं, त्वचा के बाहर नहीं। इस तरह के मस्सों की वजह से चलने में परेशानी होती है।

  3– Flats Warts

Flats Warts आमतौर पर चेहरे, जाँघों या बाँहों पर बढ़ते हैं। ये दिखने में बहुत ही छोटे होते हैं। Flats Warts में एक Flats Top होता है। जैसे कि उन्हें स्कैप किया गया हो। वे गुलाबी, भूरे या थोड़े पीले रंग के होते हैं।

  4– Filiform Warts

वार्ट्स का यह प्रकार आपके मुँह, नाक, गर्दन या ठोड़ी के चारों ओर बढ़ता है। इसका रंग हमारी त्वचा के रंग के जैसा ही होता है। ये भी दिखने में छोटे होते हैं, और त्वचा के छोटे फ्लैप या टैग के सामान ही दिखते हैं।

  5– Peringual Warts

ये warts पैर के अंगूठे के नाखूनों और उँगलियों के नाखूनों के चारों ओर बढ़ते हैं। वे दर्दनाक हो सकते हैं और नाखूनों की वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।

Warts का होम्योपैथिक Treatment

  • Thuja Q

शरीर के किसी भी भाग पर मस्से होने पर यह औषधी बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इस औषधी की 20-20 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें। इसको मस्सों पर लगा भी सकते हैं।

  • Causticum 30

उँगलियों, नेत्रों, नेत्रपालकों, नाक के अंदर – बाहर मस्से हों, जलन तथा आसानी से रक्तस्त्राव, शरीर पर कहें भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में इस औषधी की 10 बून्द ¼ कप पानी में दिन में दो बार लें।

  • Antimonium Crud 30

तलुओं, हथेलियों तथा गर्दन पर मस्से होने पर इस औषधी की 10 बून्द 1/4कप पानी में दिन में दो बार लें।

  • Sepia 30

यदि किसी व्यक्ति के समस्त शरीर पर मस्से हों, तो उसे इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लेनी चाहिए।

  • Ruta 30

यदि किसी व्यक्ति के हाथों के आतंरिक भागों पर मस्से हों, तब इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में दो बार लें।

  • Dulcamara 30

नेत्रों की निम्न पालक पर मस्से होने पर इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार लें।

  • Calcerea Carb 30

यदि किसी व्यक्ति की उँगलियों पर लाल मस्से, चेहरे तथा हाथों पर मस्से हों, तो इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में दो बार दें।

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