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आयुर्वेदिक

मालकांगनी की बेल पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक पायी जाती है। इसके पत्ते नुकीले होते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सिलीस्ट्रस पेनिकुलेटा (Celastrus Paniculatus) होता है। तथा अंग्रेजी में इसे "Staff Tree" के नाम से जाना जाता है। यह गर्म प्रकृति का होता...
मंजिष्ठा का प्रयोग आयुर्वेदिक जड़ी - बूटी के रूप में किया जाता  है। इसका वैज्ञानिक नाम रुबिया कार्डिफोलिया (Rubia Cordifolia) है। भारत के पहाड़ी इलाकों में इसकी खेती भी की जाती है। यह रक्त में मौजूद विष की उपस्थिति...
रोजमेरी को गुलमेंहदी के नाम से भी जाना जाता है। रोजमेरी स्वाद और सुगंध में अदभुत होती है। यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है। इसलिए यह अधिकतर रसोई घरों में भी प्रयोग की जाती है। इसका वैज्ञानिक...
आंवले (Gooseberries or Amla) में मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट व् रोग प्रतिरोधक क्षमता पायी जाती है। आंवले में विटामिन "A", विटामिन सी, मेग्नीशियम, आयरन, कार्बोहायड्रेट तथा फाइबर होते हैं। इसके अलावा इसमें गैलिक एसिड,टैनिक एसिड, शर्करा, एल्ब्यूमिन आदि तत्व...
अमलतास का पेड़ अधिकतर हिमालय के मैदानी भागों में पाया जाता है। इसे बहुत से लोग अपने बागीचे में भी लगाते हैं। अमलतास के पेड़ पर पीले रंग के सुन्दर  फूल लगते हैं। आयुर्वेद में अमलतास का विशेष महत्व...
पपीते का वैज्ञानिक नाम "Carica  Papaya"  है। इसका प्रयोग फल और सब्जी दोनों तरह से ही किया जाता  है । जब पपीता कच्चा होता है तब इसे सब्जी के रूप में प्रयोग करते  हैं और जब यह पक जाता...
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