हाथ अथवा पाँव में घाव हो जाने पर या कटी हुई जगह में से किसी जीवाणु के शरीर में प्रवेश हो जाने पर, स्नायुओं में उत्तेजना के कारण यह रोग उत्पन्न होता है। इस रोग में सर्व प्रथम मुंह...
इस रोग के यथार्थ कारण का अभी तक कोई भी निर्णय नहीं हो सका है। यह रोग उपदंश, अधिक मध्यपान, सिर पर चोट लगने, अत्यधिक शक्तिहीनता, मानसिक अवसन्नता तथा वंशानुगत कारणों से भी हो सकता है। इस बीमारी में...
मूत्राशय में सर्दी बैठ जाने पर, चोट लगने पर, मूत्र नली के सिकुड़ जाने पर, प्रोस्टेट ग्लैण्ड (Prostate Gland) की सूजन, पथरी तथा अन्य कारणों से मूत्राशय में प्रदाह (Bladderitis) उत्पन्न हो जाता है। मूत्राशय की झिल्ली में सूजन...
छोटी माता (Chicken Pox) एक संक्रामक रोग है। यह एक प्रकार के वायरस से उत्पन्न होता है। इसके दाने बड़ी माता (Small Pox) के दानों से आकार में छोटे होते हैं, लेकिन बड़ी चेचक से इस रोग का कोई...
माजूफल एक प्रसिद्ध जड़ी-बूटी है। इसका वैज्ञानिक नाम "क्वेरकस इंफेकटोरिया" है। माजूफल मुंह के रोगों के लिए एक उत्तम औषधी है। माजूफल वास्तव में कोई फल नहीं है। बल्कि जंगली वृक्ष की शाखा का एक विशेष प्रकार के कीड़े...
निर्गुन्डी एक आयुर्वेदिक जड़ी - बूटी है, जो हिमालय के तराई वाले क्षेत्रों में पायी जाती है। इसका वानस्पतिक नाम "वाइटेक्स" है। इसकी तासीर गरम होती है। इसका प्रयोग जोड़ों तथा मांसपेशियों के दर्द में तथा अस्थमा के रोग...
जैसे-जैसे पुरुष वयस्क हो जाते हैं, वे अपने स्वास्थ्य और कल्याण पर असर डालने के विभिन्न क्षेत्रों को पा सकते हैं। एक विशेष स्थिति जो कई पुरुषों को वयस्क होने पर प्रभावित करती है, वह लिंग के सीधा होने...
इसे शीतपित्त या हीव्स (Urticaria/Hives) के नाम से भी जाना जाता है। जब शरीर में पित्त की मात्रा अधिक हो जाती है या किसी कारण से शरीर में पित्त बढ़ जाता है। तो इससे होने वाली समस्या को "पित्ती"...
थायरॉइड ग्रंथि गले की ग्रंथी है, जिससे थय्रोक्सिन हार्मोन बनता है। जब यह हार्मोन्स कम हो जाते हैं तब शरीर का मेटाबॉलिज़्म काफी तेज होने लगता है और शरीर की ऊर्जा भी जल्दी ख़त्म हो जाती है। लेकिन जब...
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