घमरा के क्या हैं फायदे तथा नुकसान- Benefits & Harms of Ghamra (Tridax procumbens)?

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घमरा को ट्राइडेक्स प्रोकम्बेन्स (Tridax Procumbens) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक बारहमासी खरपतवार है, जिसका प्रयोग जड़ी – बूटी के रूप में किया जाता है। इसके फूल पीले या सफ़ेद रंग के होते हैं। इसके पौधे का प्रयोग प्राचीनकाल से ही औषधी के रूप में किया जाता है। घमरा के पौधे में अल्कलॉइड, स्टेरॉइड, कैरोटिनॉइड, फ्लेवोनोइड्स जैसे – कैटेचिन, सेंटाओरीन और बेरेगेन्स आदि होते हैं। इसका पौधा पथरीली जमीन पर आसानी से उगता है।

घमरा को विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

  • अंग्रेजी   –  कोटबुटन ( Coatbuttons )
  • संस्कृत   –  जयन्ती वेदा ( Jayanti veda )
  • हिंदी      –  घमरा  ( Ghamara )
  • बंगाली   –  त्रिधारा ( Tridhara )

घमरा के फायदे

घमरा को प्राचीनकाल से ही जड़ी – बूटी के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग सूजन को कम करने में, घावों के उपचार में तथा अन्य संक्रमण रोगों को दूर करने में किया जाता है। घमरा का तेल या लेप इन रोगों में प्रयोग किया जाता है।

  • सूजन को कम करने में

घमरा की पत्तियों का रस या इसके तेल का प्रयोग सूजन को कम करने में किया जाता है। इसका प्रयोग फोड़े – फुंसी या कटे – जले के उपचार में भी लाभदायक होता है।

  • कब्ज को दूर करने में

कब्ज को दूर करने में भी घमरा का प्रयोग किया जाता है।

  • गठिया के रोग में

गठिया के रोग में घमरा के तेल की नियमित मालिश करने से इसके दर्द में आराम मिलता है या इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर लेप करने से इसके दर्द में आराम मिलता है।

  • घाव को भरने में

घमरा में उपस्थित औषधीय गुण घाव को भरने तथा रक्तस्त्राव को रोकने में मदद करते हैं। इसकी पत्तियों के रस या पेस्ट को सीधे घाव पर लगाने से रक्तस्त्राव बंद हो जाता है।

  • कैंसर के उपचार में

घमरा में उपस्थित एंटी – ऑक्सीडेंट गुण शरीर की कोशिकाओं को कैंसर की कोशिकाओं से बचाने में मदद करती हैं। इसका प्रयोग फेंफड़ों के कैंसर में लाभदाय होता है।

  • डायबिटीज के उपचार में

घमरा में उपस्थित एंटी – डायबिटिक गुण डायबिटीज को कम करने में मदद करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार घमरा के अर्क का कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने से डायबिटीज के रोग को कम करने में मदद मिलती है।

घमरा के नुकसान

घमरा का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

  1. किसी भी प्रकार की एलर्जी होने पर इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श से ही करें।
  2. अधिक मात्रा में इसके अर्क का सेवन करने से उल्टी की समस्या हो सकती है।
  3. गर्भवती महिलायें तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
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