मिर्गी (Epilepsy) का होम्योपैथिक इलाज और दवाएं

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इस रोग के यथार्थ कारण का अभी तक कोई भी निर्णय नहीं हो सका है। यह रोग उपदंश, अधिक मध्यपान, सिर पर चोट लगने, अत्यधिक शक्तिहीनता, मानसिक अवसन्नता तथा वंशानुगत कारणों से भी हो सकता है। इस बीमारी में रोगी अचानक ही बेहोश होकर गिर पड़ता है। उसके हाथ – पाँव अकड़ जाते हैं। जबड़ा भिंच जाता है, तथा मुंह से झाग निकलने लगता है।

मिर्गी ( Epilepsy ) की होम्योपैथिक दवाएं 

शरीर की सभी क्रियाओं का संचालन मस्तिष्क के द्वारा होता है। इसमें किसी भी प्रकार की कमी आने पर मानसिक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। यदि इनका सही समय पर इलाज न हो तो यह किसी भयानक बीमारी का कारण भी बन जाते हैं। मिर्गी का रोग भी एक मानसिक रोग है, आइये जानते हैं इसकी कुछ होम्योपैथिक दवाओं के बारे में जिनको नीचे दिए हुए लक्षणों के आधार पर ही रोगी को दें। अधिक परेशानी होने पर डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।

  • Ignesia 200

यह औषधी मिर्गी के दौरे की उत्तम औषधी है। यदि रोगी को भय, आतंक, वेदना तथा मानसिक गड़बड़ी के कारण दौरे पड़ते हैं, तो यह औषधी उत्तम औषधी है। इस औषधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में आवश्यकतानुसार दें।

  • Cuprum Met 30

मिर्गी की बीमारी में हवा की लहर का घुटनों से उठकर पेट के निम्न भाग तक चढ़ जाना। मांसपेशियों में थिरकन, पिंडलियों तथा तलवों में ऐंठन, अंगूठे का उँगलियों में भिचजाना, तथा पुराना एवं कठिन मिर्गी रोग होने पर यह औषधी बहुत ही लाभकारी होती है। इस औषधि की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Belladona 30

यह औषधी बच्चों में होने वाली बीमारी में अति उत्तम है, नए रोग में भी यह औषधी लाभकर होती है। यदि रोगी की ऐंठन हाथों से प्रारम्भ होकर चहरे तथा आँखों की ओर जाने पर, आँखों का चमकीला लाल होना तथा श्वास – कष्ट होने पर इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Calcerea Carb 200

यह औषधी बच्चों के मिर्गी रोग में लाभकारी होती है। वायु की लहर का नाभि से उठकर पूर्व की ओर चढ़ना, जिसके कारण शरीर ऐंठने लगे, तथा यह औषधी धातुग्रस्त रोगियों तथा मोटी एवं ढीली माँस – पेशियों वाले लोगों के लिए हितकर इस अवस्था में इस ओसधी की 10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में एक बार दें। ( बच्चों को इस औषधी के 5 बून्द 1/4 कप पानी में दें )।

  • Caicuta Virosa 30

यदि रोगी का शरीर अचानक ही अकड़ जाए, अंगों में फड़कन तथा भयानक खींचन एवं अत्यधिक शक्तिहीनता होने पर यह औषधी बहुत ही लाभकारी होती है। इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Opium 6

यदि खिंचाव के बाद रोगी अधिक देर तक सोता रहे, रोगी का चिल्लाकर बेहोश हो जाना तथा रोज के मुंह से झाग निकलने पर इस औषधी की 10 -10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

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