जानिए: क्या हैं हकलाने (Stuttering or Stammering) के कारण और होम्योपैथिक इलाज?

0
109

हकलाने (Stuttering or Stammering) की समस्या कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है। इस समस्या से नियमित रूप से किये गए अभ्यास के द्वारा भी छुटकारा मिल सकता है। सामान्यतः यह रोग २-७ वर्ष की आयु के मध्य में शुरू होता है। यह समस्या लड़कों में लड़कियों से चार गुना अधिक पायी जाती है। रुक-रुक कर बोलना, एक ही शब्द को बार – बार बोलना, तेज बोलना आदि हकलाने की ही समस्या हैं। यदि नियमित अभ्यास से यह समस्या सही नहीं होती है। तो इसे होम्योपैथिक उपचार के द्वारा आसानी से ख़त्म किया जा सकता है।

हकलाने के कारण (Cause of Stuttering or Stammering)

हकलाने के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

  1. बोलने में काम आने वाली मसल्स व् जीभ पर कण्ट्रोल न होना।
  2. टेंसन या किसी चीज का डर होने पर भी यह समस्या हो जाती है।
  3. कुछ बच्चों में यह आनुवंशिक भी होती है।
  4. नर्वस होने या किसी नए शख्स को देखने पर यह समस्या बढ़ जाती है।

हकलाने का होम्योपैथिक इलाज- (Homeopathic Treatment of Stammering)

  • Bovista 30

विशेष रूप से बच्चों की हकलाहट में इस औषधी का प्रयोग किया जाता है। इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार ( सुबह, दोपहर, शाम ) दें।

  • Bufo Rana 30

अत्यधिक क्रोध आने के कारण हकलाने पर इस औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में तीन बार दें।

  • Hyosainum 30

यदि किसी रोगी को यह संदेह हो कि वह ठीक से नहीं बोल सकता तो यह औषधी बहुत ही उपयोगी होती है। इस  औषधी की 10-10 बून्द 1/4 कप पानी में दिन में दो बार ( सुबह – शाम ) दें।

  • Merc Sol 30

जिव्हा के कम्पन तथा अन्य विकारों के कारण हकलाने पर यह औषधि अति उत्तम है। इस औषधि की 10 -10 बून्द 1\4 कप पानी में दिन में तीन बार दे|

  • Stramonium 30

यदि किसी व्यक्ति को हकलाहट पार्किंसन रोग के परिणामस्वरूप है, तो यह उत्तम औषधी है। लेकिन यह औषधी लम्बे समय के प्रयोग के बाद ही लाभ पहुंचाती है। इस औषधी की 10-10 बून्द दिन में दो बार लें।

Facebook Comments