ककोरा/कंटोला (Spiny Gourd) के फायदे और नुकसान हिंदी में

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ककोरा/कंटोला एक सब्जी है जो की मानसून के मौसम में मिलती है। इस सब्जी के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। यह सब्जी बहुत ही गुणकारी है। यह मनुष्य के सभी रोगों में लाभकारी है। इस सब्जी को जंगली करेले के नाम से भी जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम “मोमोर्डिका चरंसिया” (Momocordica  Charanitia) है। इसे English में spiny gourd या Teasle gourd कहा जाता है। इसके कई सारे नाम हैं ककोरा (Kakora), कन्टोला (Kantola) और ककरोल (Kakrol)। इसकी खेती मुख्य रूप से भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में होती है। इसकी बेल का जीवन काल 3-4 महीने का होता है।

ककोरा के फायदे

यह पचाने में हल्का होता है, इसे बहुत सी बीमारियों में प्रयोग किया जाता है। इसमें बहुत से रासायनिक यौगिक होते हैं, जो मनुष्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।  ककोरा में बहुत कम कैलोरी पायी जाती है। इसमें प्रति 100 में से केवल 17 कैलोरी पायी जाती है। इसमें बहुत से खनिज, फाइबर, विटामिन्स और एंटी – ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।

1. गर्भावस्था (Pregnancy)

कभी – कभी गर्भावस्था के दौरान एक समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिसे Neural Tube Defects कहा जाता है। ककोरा की ताजा हरी फली विटामिन B और विटामिन C का अच्छा श्रोत है, जो कोशिकाओं के विकास और प्रजनन के लिए आवश्यक होता है। यदि गर्भवती स्त्रियां अपने भोजन में ककोरा को शामिल करती हैं, तो उन्हें Neural Tube Defects होने की संभावना कम हो जाती है।

2कैंसर के उपचार में (Treatment of Cancer)

कैंसर होने के बहुत से कारण होते है। उनमे से एक है मनुष्य के शरीर में अत्यधिक विषाक्त कणों की मौजूदगी होना। ककोरा की ताजा हरी फली में विटामिन C पाया जाता है। कैंसर की संभावना को कम करने में विटामिन C शरीर से अधिक विषैले कणों को बेअसर करता है।

3त्वचा के रोगों में (Skin Disease)

ककोरा में बीटा – कैरोटीन, अल्फा – कैरोटीन, ल्यूटेन और जेक्सेंथिन्स जैसे Flavoroids पाए जाते हैं। यह सभी यौगिक बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में  सहायक हैं। यह त्वचा को भी स्वस्थ रखने में सहायक हैं।

4. बवासीर (Piles)

Piles में राहत पाने के लिए ककोरा का औषधी के रूप में उपयोग करते हैं। ककोरा को सुखाकर पाउडर तैयार करलें। ककोरा के 5 ग्राम पाउडर में 5 ग्राम चीनी मिला कर दिन में दो बार सेवन करने से Piles के रोग में आराम मिलता है।

5. पाचन में (Digestion)

ककोरा में Fibres पाए जाते है, जो पाचन को सही रखने में मदद करते हैं। यह अपच और कब्ज की समस्या को ठीक करने में भी मदद करते हैं।

6Hyperhydrosis

यदि किसी व्यक्ति को अधिक पसीना आता है, तो इस बीमारी से राहत पाने के लिए ककोरा के पाउडर के साथ स्नान करें। इसे प्राकृतिक स्क्रब के रूप  में भी प्रयोग किया जाता है। इससे पसीने की गंध व् पसीना आना कम हो जाता है।

ककोरा के नुकसान (Side Effects of Spiny Gourd)

अत्यधिक मात्रा में ककोरा का सेवन करने से कुछ नुकसान भी होते हैं, जो इस प्रकार हैं।

  1. ककोरा का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से यह मनुष्य के पाचनतंत्र को खराब भी कर सकता है। और मनुष्य को पेट दर्द या दस्त भी हो सकते हैं।
  2. ककोरा का अधिक मात्रा में सेवन करने से Blood में Sugar का Leval कम हो जाता है, और मनुष्य को Low Blood Sugar की प्रॉब्लम हो सकती है।
  3. स्तनपान के समय इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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