मलेरिया के कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार, और रोकथाम- Cause, Symptoms, Treatment & Prevention of Malaria

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मलेरिया एक संक्रामक रोग है यह मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है।आज के समय में बहुत से लोग मलेरिया से ग्रसित होते हैं।जब यह मच्छर किसी भी व्यक्ति को काटता है तो मलेरिया के परजीवी  व्यक्ति की लाल रक्त कणिकाओं में चले जाते हैं।जिससे की यह बीमारी उत्पन्न होती है।

मलेरिया के कारण

यह रोग बारिस की मौसम में ज्यादा फैलता है। क्यूंकि इस मौसम में मच्छर ज्यादा पैदा  होते हैं ।यह मच्छर रुके हुए और गंदे पानी में पैदा होते हैं।बारिश की मौसम में घरों के  आस -पास नालियों में अधिक पानी जमा हो जाता है। जिस कारण यह मच्छर पैदा होते है और यह बीमारी फैलाते हैं।घरों में समय पर कूलरों की सफाई न हो और पानी भी न बदलाजाये तो भी यह मच्छर पैदा हो जाते हैं और बीमारी फैलाते हैं।

मलेरिया के  लक्षण

मलेरिया के  लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि किस मलेरिया परजीवी ने काटा है।उसके आधार पर संक्रमण शुरू होता है।संक्रमण शुरू होने और लक्षण दिखने में ७-१८ दिन का समय लगता है।

  • ठण्ड लगने से बुखार का आना

मलेरिया होने पर रोगी को बार -बार ठण्ड लगने से बुखार आता है।

  • पैरों में दर्द का होना

मलेरिया होने पर रोगी के  पैरों में बहुत तेज़ दर्द रहता है।

  • सिर में दर्द होना और चक्कर आना

फेल्सीपेरम मलेरिया में रोगी के सिर में बहुत तेज़ दर्द होता है और रोगी को चक्कर भी बहुत आते हैं।

  • उल्टियां होना और जोड़ों में दर्द होना

मलेरिया के रोगी को उल्टियों के साथ- साथ जोड़ों में भी दर्द रहता है।

  • तीन दिन बाद बुखार का आना

मलेरिया का बुखार तीन दिन बाद दोबारा से फिर आ जाता है।

  • खून की कमी

मलेरिया के रोगी के ब्लड में जीवाणु की कमी हो जाती है।जिसके  कारण रोगी में खून की कमी हो जाती है।

  • भूख कम लगना

मलेरिया होने पर रोगी को भूख बहुत कम लगती है।

  • मस्तिष्क को हानि पहुँच सकती है

फेल्सीपेरम मलेरिया होने पर व्यक्ति के  मस्तिष्क को हानी पहुँच सकती है। और व्यक्ति पैरालाइस भी हो सकता है।

  • त्वचा पर लाल चकते

खून में प्लेट्स की कमी होने के कारण त्वचा पर लाल चकते भी पड़ जाते हैं।

मलेरिया में क्या खाएं

मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को विटामिन ,प्रोटीन ,फल और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए इनके सेवन से कमजोरी दूर होती है और ब्लड भी बढ़ता है।

  • फल

मलेरिया होने पर व्यक्ति को फलों का सेवन करना चाहिए इससे ब्लड बढ़ता है और कमजोरी दूर होती है। चीकू ,अंगूर ,अनार ,जैसे मौसमी  फलों का सेवन करना चाहिए।

  • गर्म पानी

मलेरिया के बुखार में पानी को उबाल कर ठंडा करके पीना चाहिए इससे आराम मिलता है।

प्रोटीन

मलेरिया के रोगी को प्रोटीन भरपूर मात्रा में लेनी चाहिए

मलेरिया में क्या खाएं

मलेरिया के रोगी को कोल्ड्रिंक ,फ़ास्ट फ़ूड ,फाइबर पदार्थ ,शराब और ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • फ़ास्ट फ़ूड

मलेरिया के रोगी को  फ़ास्ट फ़ूड जैसे बर्गर ,पिज़्ज़ा ,समोसा अदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • पेय जल

मलेरिया के बुखार में किसी भी तरह के तरल पदार्थ का सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

  • फाइबर पदार्थ

मलेरिया के रोगी को अनाज ,रोटी और अचार जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • शराब

शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है इसलिए शराब का सेवनकभी भी नही करना चाहिए।

मलेरिया से बचाव

मलेरिया का परजीवी गंदे पानी और गन्दगी में रहता है इसके बचाव के लिए निम्न उपाय है।

  • कीटनाशक

मलेरिया का मच्छर पैदा न हो इसलिए कीटनाशक का छिड़काव जरूरी है आज के समय में डी.डी.टी., और बी.एच.सी. की जगह पाइरेथाइड का छिड़काव करना चाहिए।

  • फिनाइल

अपने घरों के आस -पास फिनाइल का छिड़काव  करने से मच्छर पैदा नहीं  होते हैं।

  • मच्छरदानी

रात को सोते समय मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए।

  • शरीर को ढकें

शाम के समय पर घर से बहार निकलने से पहले फुल कपडे पहनकर निकलना चाहिए।

  • नारियल और कपूर

नारियल और कपूर के तेल से शरीर पर मालिश करने से मच्छर नही काटते हैं।

  • गन्दा पानी जमा होने दें

अपने कूलर और किसी भी बर्तन में पानी को जमा न होने दें।

  • आल आउट या नीम की पत्ती

अपने घर में आल आउट या कोई भी रिफिल का प्रयोग करे। या फिर नीम की पत्तियों को जला कर उसका धुआं करें।

मलेरिया के घरेलू उपचार

  • तुलसी

तुलसी की पत्तियां पानी में उबालें और उसमे थोड़ी सी काली मिर्च पावडर मिलकर रोगी को पिलायें इससे मलेरिया की रोग में आराम मिलता है।अगर ऐसा न कर सकें तो सुबह खाली पेट तुलसी की पत्तों को चबाने से भी आराम मिलता है।

  • लहसुन

मलेरिया के रोगी को लहसुन का काढ़ा पिलाने से भी आराम मिलता है।

  • काली मिर्च और नीम के पत्ते

5-6 काली मिर्च और 15-20 नीम के पत्तों को मिक्सर में पीस लें और छान कर रोगी को पिलाने से आराम मिलता है।

  • पपीते के पत्ते

पपीते के पत्तों का काढ़ा बनाकर रोगी को पिलाने से मलेरिया का रोग जल्दी ठीक होता है।

  • जामुन की छाल

5-6 ग्राम जामुन की छाल को पीस कर चूर्ण बनालें और उसमें गुड़ मिलाकर दिन में ३-४ बार लेने पर मलेरिया जल्दी ठीक होता है।

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