पेट में अल्सर के कारण, लक्षण, परहेज और आयुर्वेदिक उपचार- What is the Cause, Symptoms, Abstinence & Ayurvedic Treatment of Stomach Ulcer

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पैप्टिक अल्सर को पाचन तंत्र के घाव भी कहते हैं। हाइपर एसिडिटी (Hyperacidity Ulcer) अल्सर का प्रमुख लक्षण है। यदि आपको बार -बार गैस बन रही है, उल्टी बन रही है भूख नहीं लग रही तो ये सभी अल्सर होने के लक्षण हो सकते हैं। यदि गैस अधिक बन रहे है तो डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें यह परेसानी आज के समय में बच्चों में बहुत अधिक हो रही है। आज के समय में बच्चे जंक फ़ूड ज्यादा खाना पसंद कर रही हैं जिसके कारण ये परेशानी बच्चों में ज्यादा हो रही है। अल्सर शब्द का प्रयोग आँतों में घाव के लिए किया जाता है यह एक घातक रोग है।लेकिन सही खान -पान और आयुर्वेदिक इलाज से इसे २-३ सप्ताह में सही किया जा सकता है।

आमाशय अल्सर के कारण

ज्यादातर बच्चे बाहर की बनी चीजों को खाना पसंद करते हैं। अधिक मात्रा में मैदा की बनी चीजों का सेवन करना या तला-भुना, ऑयली खाना- खाने से अल्सर की परेशानी ज्यादा होती है।

  1. अधिक मात्रा में चाय, कॉफ़ी, या शराब के पीने से भी अल्सर के समस्या हो जाती है।
  2. खट्टी, तीखी या जलन पैदा करने बाली चीजें खाने से भी अल्सर हो जाता है।
  3. पैप्टिक अल्सर में आमाशय में घाव हो जाते हैं। जिससे धीरे- धीरे ऊतकों को भी हानि पहुँचती है। इसकी बजह से पाचक रसों की क्रिया ठीक से नहीं हो पाती और वहां फोड़े बन जाते हैं।

अल्सर के लक्षण

पैप्टिक अल्सर होने पर हर समय पेट में एसिडिटी बनती है और पेट में जलन भी होती है।

  1. अल्सर होने पर कब्ज बनता है और मल के साथ खून भी आता है।
  2. पेट में अल्सर होने पर उल्टी बनती है और सर भी चकराता है।
  3. पेट के जलन छाती तक बाद जाते है और खट्टी -खट्टी डकारें भी आती हैं।

पैप्टिक अल्सर के घरेलू इलाज

अगर अल्सर का इलाज सही समय पर ना हो तो ये बड़ी बीमारी का कारण बनसकती है।अल्सर कई प्रकार का होता है आमाशय अल्सर, पेप्टिक अल्सर या गेस्ट्रिक अल्सर, भोजन को पचाने बाला अम्ल आमाशय की दीवार को क्षति पहुंचाता है। तो यह अम्ल इतना खतरनाक होता है की ये लोहे के ब्लेड को भी गला सकता है।

पोहा (Beaten Rice or Poha)

पोहा अल्सर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।पोहा और सोंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें २० ग्राम चूर्ण को २ लीटर पानी में घोल लीजिये और सारा दिन उसी पानी को पीजिये इसे पीने से अल्सर में आराम मिलता है ।

पत्ता गोभी और गाजर (Cabbage & Carrot)

पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस निकाल लें।इस जूस को सुबह -शाम एक- एक कप  पीने से पेप्टिक अल्सर में आराम मिलता है पर याद रखे की  रखा हुआ जूस न पीएं जूस हमेसा  ताजा निकाल कर ही पीएं।

सहजन (Drumstick)

सहजन के पत्तों को पीस कर चूर्ण बना लें और और दही के साथ इसका सेवन करें इससे भी अल्सर में आराम मिलता है।

हींग (Asafoetida)

आँतों का अल्सर होने पर हींग के पानी का एनिमा देने से अल्सर में आराम मिलता है।

५. कच्चे केले (Raw Banana)

अल्सर के रोगी को कच्चे केले की सब्जी में हींग मिलाकर खानी चाहिए इससे अल्सर में आराम मिलता है।

गाय का दूध (Cow Milk)

अल्सर के रोगी को गाय के एक गिलाश दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पिलायें इससे अल्सर  में आराम मिलता है अल्सर के रोगी को देसी गाय का घी भी खिलाना चाहिए।

७. नारियल पानी (Coconut Water)

अल्सर के रोगी को नारियल पानी पिलाने से यह रोग जल्दी ठीक होता है।

अल्सर के परहेज

पैप्टिक अल्सर के रोग में परहेज बहुत जरूरी है क्यूकि अल्सर की परेसानी  खाने पीने की चीजों से ही सुरु होती है।

  1. कार्बोनेटिड पेय पदार्थों का सेवन ना करें इससे अल्सर की परेशानी और बढ़ती है।
  2. कॉफ़ी, शराब का सेवन बिलकुल न करें।
  3. मैदा  से बनी हुए चीजों का सेवन बिलकुल भी न करें।

अल्सर के रोगी को हर दो घंटे में कुछ कुछ खाना चाहिएनियमित रूप से परहेज करने से अल्सर को जल्दी से जल्दी ख़त्म किया जा सकता है

पेट में अल्सर का आयुर्वेदिक उपचार

मुलेठी

मुलेठी बहुत ही गुणकारी औषधी है।  यह गेस्ट्रिक अल्सर के लिए बहुत ही लाभदायक है।मुलेठी का चूर्ण ड्यूओडनल अल्सर के अपच ,हाइपर  एसिडिटी में भी लाभदायक है। मुलेठी का चूर्ण अल्सर के घावों को भी जल्दी भरता है।यह स्वाद में मीठा होता है मुलेठी का सेवन आँतों और कैंसर के रोग को भी दूर करता है।

२. अर्जुन की छाल

अर्जुन की छाल अल्सर में बहुत ही लाभकारी है।रात को सोने से पहले अर्जुन की छाल को 250 ml  पानी में पकाएं और १/२ चम्मच मुलेठी का चूर्ण भी डाल दें जब उबल कर पानी १/२ रह जाये तो ठंडा होने पर धीरे -धीरे पियें ऐसा करने से अल्सर जल्दी ठीक हो जाता है।

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