थायराइड के लक्षण, प्रकार और घरेलु आयुर्वेदिक उपचार- Symptoms, Types & Homeopathic/Ayurvedic Diagnosis of Thyroid Disorder

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थायरॉयड आज के समय की एक आम बीमारी  हो गई है ।आज के समय में हर तीसरा व्यक्ति थायराइड से पीड़ित है ।यह बीमारी आदमी से ज्यादा औरतों में देखने को मिलती है ।हम सभी ने थाइराइड का नाम सुना है पर थायरॉयड है क्या? यह एक प्रश्न है ।थाइराइड  एक गले की ग्रंथि होती है । जिससे Thyroxine Hormone उत्पन्न होता है। जब इस हार्मोन्स का हमारे शरीर में संतुलन बिगड़ जाता है तब यह रोग उत्पन्न होता है। जब यह हार्मोन्स हमारे शरीर में काम हो जाता है तब हमारे शरीर का मेटाबोलिज्म तेज़ हो जाता है ।जिसकी बजह से हमारे शरीर की ऊर्जा ख़त्म हो जाती है ।और जब यह हार्मोन्स हमारे शरीर में ज्यादा हो जाता है तब हमारे शरीर का मेटाबोलिज्म काफी कम हो जाता है ।जिसकी बजह से हमारे शरीर में ऊर्जा कम बनते है। और हमें सस्ते और थकन महसूस होती है। थाइरॉइड के उपचार के लिए रोगी बहुत सी दबाओं का सेवन करते है। अवटु ग्रंथि (Thyroid Gland) के बढ़ने से बहुत से रोग उत्पन्न हो जाते है। थायरॉयड कोलेस्ट्राल पर असर डालती  है। यह दिल, मांसपेशियों और हड्डियों पर भी असर डालते है।

थायराइड के प्रकार?

थायराइड दो प्रकार के होते है-

1- Hyperthyroid

अतिगलग्रंथिता या हाइपरथाइरॉयडिज़्म (Hyperthroid)  में शरीर में थाइरॉइड  हार्मोन्स कम होने लगता है ।

लक्षण

  1. बजन का कम होना ।
  2. हार्ट बीट का तेज़ होना ।
  3. पसीना ज्यादा आना ।
  4. हाथ ,पैरों में कंम्पन होना ।

 

2- Hypothyroid

हाइपोथायरायडिज्म या अवटु अल्पक्रियता (Hypothyroid) में थाइरॉइड हार्मोन्स बढ़ने लगता है ।

लक्षण

  1. बजन का बढ़ना
  2. कब्ज
  3. भूख न लगना।
  4. आवाज़ में भारीपन आ जाना
  5. आँखों और चेहरे पर सूजन आ जाना
  6. सिर, गर्दन और जोड़ों में दर्द होना

थायरॉयड होने के कारण

  1. ज्यादा टेंशन लेने से  भी थायराइड हो सकती है  ।
  2. दबाइयों के साइड इफ़ेक्ट से भी थायराइड की समस्या हो सकती है ।
  3. खाने में आयोडीन के मात्रा कम या ज्यादा होने से भी थायराइड हो सकती है ।
  4. वंशानुगत के कारण भी थायराइड हो सकती है ।
  5. जब महिलाएं  प्रग्नेंट  होती  है उस  समय पर थायराइड होने की सम्भावना अधिक  होती  है।

थायरॉयड का घरेलू उपचार

  • हल्दी का दूध (Turmeric Milk)

थायरॉयड कंट्रोल करने के लिए एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर  मिलाकर पीने से थाइरोइड को कंट्रोल किया जा सकता है ।

  • लौकी का जूस (Gourd juice)

 

थाइरोइड कंट्रोल करने के लिए लोकी का जूस भी बहुत लाभकारी है रोज सुबह खाली पेट लोकी का जूस पीने से थाइरोइड कंट्रोल होता है।

  • प्याज (Onion)

रात को सोने से पहले प्याज से गर्दन पर  मसाज करने से भी थाइरोइड में बहुत आराम देता है।

  • हरा धनिया (Green Coriander)

हरे धनिये का भी थायरॉयड को कंट्रोल करने में बहुत अच्छा उपयोग है। हरे धनिये का पेस्ट बना लें और एक गिलास पाने में एक चम्मच पेस्ट मिलाकर रोज पीने से थाइरोइड में लाभ मिलता है।

  • काली मिर्च (Black Pepper)

काली मिर्च को अपने खाने में प्रयोग करे इससे थाइरोइड जल्दी ठीक होता है ।

  • बादाम और अखरोट (Almond and Walnut)

बादाम और अखरोट को भी थाइरोइड के इलाज में प्रयोग किया जाता है ।बादाम और अखरोट में सेलेनियम तत्व पाया जाता है जो थाइरोइड में बहुत आराम देता है।

  • अश्वगंधा (Ashwagandha)

रात को सोते समय एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण दूध के साथ लेने से भी थायरॉयड में लाभ मिलता है।

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